Wednesday, June 10, 2020

CBI, CID ka full form और अंतर | सीबीआई और सीआईडी की फुल फॉर्म

CBI, CID ka full form


हेल्लो दोस्तों!!
आपका बहुत-बहुत स्वागत है आज की हमारी इस पोस्ट में। आज इस पोस्ट में हम एक बहुत ही महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा करने जा रहे हैं। आज का हमारा विषय है CBI क्या है? CBI ke full form क्या होती है? CID क्या है? व CBI और CID में क्या अंतर है? आज हम विस्तार से जानेंगे कि CBI और CID का कार्य क्या होता है एवं वे किस प्रकार कार्य करती हैं।
दोस्तों आपने कभी ना कभी अखबार में या फिर टीवी के न्यूज़ चैनल में सीबीआई और सीआईडी का नाम जरूर सुना होगा। दरअसल यह दोनों अपराधिक मामलों की जांच के लिए बनाई गई एजेंसीज है जो आपराधिक मामलों की गुत्थी को सुलझाने का कार्य करती है, इसलिए इनका नाम अधिकतर समाचार दिखाने वाले अखबार या न्यूज़ चैनल में आता है।
जब पुलिस किसी भी मामले की तह तक नहीं पहुंच पाती है या कोई आपराधिक मामला बहुत ज्यादा जटिल होता है तो वह सीबीआई और सीआईडी को यह कार्य सौंपा जाता है। दोस्तों हर एक देश में आपराधिक मामलों को सुलझाने के लिए खुफिया विभाग बनाए जाते हैं। भारत में भी इस प्रकार के खुफिया विभाग हैं जिनका नाम है CBI एवं CID। अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर CBI और CID की ful form in hindi क्या है? तो आइए पहले थोड़ा विस्तार से जानते हैं सीबीआई के बारे में।

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CBI की full form क्या है?

CBI की फुल फॉर्म Central bureau of investigation (सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन) होती है, जिसे हम अपनी हिंदी भाषा में केंद्रीय जांच ब्यूरो भी कहते हैं। जैसा कि इसके नाम से ही पता चल रहा है कि यह भारत की एक जांच एजेंसी है जो केंद्र सरकार द्वारा चलाई जाती है।

CBI का क्या काम होता है?


हर एक देश में एक केंद्रीय जांच एजेंसी होती है उसी तरह CBI भारत की ही जांच एजेंसी है।
इसका पूरा नाम है केंद्रीय जांच ब्यूरो। सीबीआई CBI का मुख्यालय दिल्ली में जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम के पास सीजीओ कॉम्प्लेक्स में स्थित है। वर्तमान में सीबीआई के निदेशक ऋषि कुमार शुक्ला है।सामान्यतः सीबीआई का प्रमुख एक वरिष्ठ IPS अधिकारी होता है। वहीं इसके अन्य अधिकारियों में पुलिस अधीक्षक (SP), पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG), उप निरीक्षक (SI) एवं अन्य कॉन्स्टेबल शामिल होते हैं।

जैसा कि हम जानते हैं कि जिस तरह जनसंख्या बढ़ती जा रही है वैसे ही भारत में आपराधिक मामले भी बड़ी तेजी से बढ़ रहे हैं। इनमें बड़े स्तर पर होने वाले आपराधिक मामले हैं जैसे कि भ्रष्टाचार, घोटाले, हत्या आदि शामिल है। इसके अलावा और भी कई आपराधिक मामले है जैसे कि चोरी, डकैती, हत्या, गैंगरेप, लूट आदि। हम आपको बता दें कि जो अपराधिक मामला पुलिस से नहीं सुलझाता वह अपराधिक मामला केंद्र सरकार CBI को सौंपती है। इतना ही नहीं केंद्र सरकार राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाले आपराधिक मामलों की भी जांच करने के लिए CBI को आदेश देती है।

सीबीआई के कार्य करने का तरीका थोड़ा अलग है क्योंकि यह एक खुफिया विभाग है इसलिए इस के ऑफिसर अपनी आइडेंटिटी छुपा कर रखते हैं ताकि वह अपराधी को आसानी से पकड़ सके व अपराधिक मामले की जांच कर सके।

शायद आप नहीं जानते होंगे लेकिन सीबीआई की स्थापना आजादी से पहले ही हो चुकी थी। हमें आजादी मिलने के 6 साल पहले यानी कि 1941 में इसकी स्थापना कर दी गई थी। एवं इस जांच एजेंसी को 1963 में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन का नाम दिया गया। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद शहर में CBI की एक अकैडमी है। इस एकेडमी को 1966 में निर्मित किया गया था। तब से यह भारत की मुख्य प्रमुख पुलिस प्रशिक्षण संस्थान के रूप में जानी जाती है। गाजियाबाद के अलावा देश में CBI के अन्य तीन प्रशिक्षण संस्थान भी है जो कि मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में स्थित है।

भारत की केंद्र सरकार को यह पूरा अधिकार है कि वह राज्य सरकार की सहमति लेकर CBI को राज्य सरकार के किसी भी आपराधिक मामले की जांच के आदेश दे सकती है। लेकिन हाई कोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट को राज्य सरकार से सहमति लेने की जरूरत नहीं। हाई कोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट बिना किसी सहमति के राज्य सरकार के आपराधिक मामलों की जांच के लिए CBI को आदेश दे सकती है। जो भी देश की इस सबसे बड़ी खुफिया एजेंसी में शामिल होना चाहता है उसे SSC बोर्ड द्वारा आयोजित की गई CGPE परीक्षा को पास करना अनिवार्य होता है।

आइए अब जानते हैं CID के बारे में की CID किस तरह CBI से अलग है।

CID की full form क्या है?

दोस्तों CID की फुल फॉर्म होती है Crime investigation department (क्राइम इन्वेस्टीगेशन डिपार्टमेंट) जिसे हिंदी भाषा मे खुफिया विभाग भी कहते है।

CID का क्या काम होता है?


दोस्तों जिस प्रकार CBI देश एवं विदेश स्तर पर अपराधिक मामलों की जांच करती है वही CID थोड़ी अलग है। CID केवल राज्य स्तर पर होने वाले सभी आपराधिक मामले जैसे की हत्या, लूटपाट, चोरी, अपहरण, रेप, दंगे आदि की जांच करती है। हर राज्य में अपना एक CID विभाग होता है जो पुलिस का जांच के लिए एक खुफिया विभाग होता है। आप सोच रहे होंगे कि पुलिस के होते हुए इस विभाग की क्या जरूरत? लेकिन जरूरत है दोस्तों क्योंकि कुछ ऐसे मामले होते हैं जो काफी जटिल होते हैं जो पुलिस से नहीं सुलझते ऐसे में फिर राज्य सरकार इन आपराधिक मामलों को CID को सौंपती है।

आपकी अधिक जानकारी के लिए बता दें कि आजादी से पहले ही इस विभाग की स्थापना हो चुकी थी। CID की स्थापना ब्रिटिश सरकार ने 1902 में की थी। बताते हैं कि उस समय पुलिस आयोग ने ब्रिटिश सरकार से सिफारिश की थी कि ऐसी एक खुफिया विभाग बनाया जाए जो पुलिस की आपराधिक मामलों की जांच करने में मदद करें।

राज्य सरकार को और राज्य की हाई कोर्ट को यह पूरा अधिकार होता है कि वह किसी भी आपराधिक मामले की जांच करने के लिए CID को आदेश दे। अगर कोई पुलिस कर्मचारी CID में दाखिल होना चाहता है तो उसके लिए पहले उन्हें विशेष ट्रेनिंग दी जाती है।

CBI और CID में क्या अंतर है?

जैसा कि हमने आपको बताया की CID और CBI दोनों का काम लगभग एक ही है, आपराधिक मामलों की जांच करके उन्हें सुलझाना, लेकिन दोनों अलग-अलग स्तर पर काम करती हैं। आइए आपको विस्तार से समझाते हैं कि CBI और CID में क्या क्या अंतर होता है।

  1. CBI न केवल भारत बल्कि विदेश स्तर पर आपराधिक मामलों की जांच करती है वही CID केवल राज्य तक ही सीमित है।
  2. CBI के पास जो भी क्राइम केसेज जाते हैं वह केंद्र सरकार, उच्च न्यायालय एवं सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा आते हैं। वहीं दूसरी ओर CID के पास जो भी क्राइम केसेज आते हैं वह राज्य सरकार व उच्च न्यायालय द्वारा आते हैं।
  3. अगर कोई व्यक्ति CBI में शामिल होना चाहता है तो उसे SSC बोर्ड द्वारा आयोजित कराई जाने वाली CGPE परीक्षा को पास करना अनिवार्य होता है। वहीं दूसरी ओर CID में भर्ती होने के लिए पहले पुलिस में भर्ती होना पड़ता है, क्रिमिनोलॉजी परीक्षा पास करके उसके बाद एक विशेष ट्रेनिंग लेने के बाद ही CID में भर्ती किया जाता है।
  4. CBI एवं CID दोनों की ही स्थापना आजादी पूर्व की गई थी। लेकिन CBI की स्थापना 1941 में हुई थी जबकि CID की स्थापना 1902 में की गई थी।
  5. CBI का कार्यक्षेत्र एवं संचालन बड़ा एवं फैला हुआ है वहीं CID का कार्यक्षेत्र छोटा है एवं राज्य तक ही सीमित है।
  6. एक और जहां CBI के आपराधिक मामले मामलों में दंगे, घोटाले एवं भ्रष्टाचार जैसे केसेस होते हैं वहीं दूसरी ओर CID के आपराधिक मामलों में हत्या, रेप, अपहरण, चोरी जैसे केसेस होते हैं।


तो दोस्तों अब आप जान गए होंगे कि CBI और CID के बीच में क्या अंतर होता है। आज हमने आपको CBI एवं CID का मतलब बहुत ही सीधी एवं साधारण भाषा में समझाने की कोशिश की। उम्मीद करते हैं कि अब CBI और CID से जुड़े आपके सभी सवालों का जवाब आपको मिल गया होगा।

निष्कर्ष:--

तो आज आपने cbi ka full form और cid ka full form के बारे में जाना। हम आशा करते हैं कि अब CBI और CID से जुड़े सभी डाउट क्लियर हो गए होंगे। अगर यह जानकारी आपको अच्छी एवं महत्वपूर्ण लगी हो तो आप इसे अपने दोस्तों के साथ भी अवश्य शेयर करें। साथ ही इस पोस्ट से जुड़ा अगर आपका कोई सवाल है तो वह भी आप हमें नीचे दिए कमेंट बॉक्स में लिखकर पूछ सकते हैं। हम आपके सुझावों का भी तहे दिल से स्वागत करते हैं ताकि हम इस पोस्ट को आपके लिए और ज्यादा बेहतर बना सके। मिलते हैं दोस्तों इसी तरह की कुछ और अच्छी जानकारी लिए हुए हमारी अगली पोस्ट में, धन्यवाद।

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