Saturday, June 27, 2020

ICU ka full form | ICU का फुल फॉर्म क्या है?

ICU ka full form

हेल्लो दोस्तों!!
आपका स्वागत है हमारी आज की इस पोस्ट में। आज इस पोस्ट में हम बात करेंगे ICU ka full form के बारे में। हालांकि इसका नाम लगभग हर किसी ने सुना है, लेकिन इससे जुड़ी पूरी जानकारी सभी को नहीं पता। इसीलिए आज हमने इस पोस्ट में ICU से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी दी है, जैसे कि ICU का फुल फॉर्म क्या होती है? ICU में मरीज को कब भर्ती किया जाता हैं? ICU का क्या काम होता है? आदि।
दोस्तो आपने सुना होगा की जब भी कोई ICU में किसी व्यक्ति को भर्ती करने की बात करता है तब हम सभी लोग बहुत ही सीरियस हो जाते हैं। सभी सोचते हैं कि भर्ती होने वाला व्यक्ति बहुत ज्यादा बीमार है या वह किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहा है। जब भी हमारे किसी दोस्त, रिश्तेदार या परिवार के किसी व्यक्ति को किसी बीमारी या एक्सीडेंट होने की वजह से ICU में भर्ती किया जाता है, तो हम सभी बहुत ही घबरा जाते हैं। ICU में भर्ती होने का मतलब है कि हालत बहुत ही नाजुक है और व्यक्ति को बहुत अधिक देखभाल एवं एक विशेष इलाज की जरूरत है। ICU में भर्ती होने पर व्यक्ति के जीने मरने जैसे सवाल उठने लगते हैं।
हर हॉस्पिटल में एक ऐसा विभाग होता है जहां गंभीर बीमारी से जूझ रहे रोगी की अच्छे से देखभाल की जाती है। एवं उसके स्वास्थ्य की पूरी तरीके से निगरानी रखी जाती है। ऐसे ही एक विभाग को ICU वार्ड कहते हैं जहां उन रोगियों को रखते हैं जिनकी हालत बहुत ज्यादा नाजुक होती है। गंभीर रोग से जूझ रहे व्यक्ति की स्वास्थ्य पर निगरानी रखने के लिए ICU वार्ड में ऐसे कई सारे मेडिकल उपकरण होते हैं जो व्यक्ति की स्वास्थ्य के बारे में जानकारी देते हैं। इस पोस्ट में हम विस्तार से जानेंगे हैं ICU के बारे में। लेकिन सबसे पहले जानते है ICU की फुल फॉर्म क्या होती है।

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ICU ka full form क्या है?

ICU की फुल फॉर्म होती है Intensive care unit (इंटेंसिव केयर यूनिट) जिसे हम अपनी हिंदी भाषा में कहते हैं "गहन चिकित्सा विभाग"। जैसे कि हमने आपको बताया कि हर हॉस्पिटल में एक ऐसा ही अलग रूम होता है जहां गंभीर चोट से घायल व्यक्ति या फिर किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे व्यक्ति को रखा जाता है, जिसकी हालत बहुत ही नाजुक होती है। ऐसे ही रूम को हम ICU कहते हैं। इसे काफी लोग Emergency room भी कहते हैं, जहां किसी व्यक्ति की हालत बहुत ज्यादा नाजुक होती है तब तत्काल उसे ICU में भर्ती कराया जाता है।

मरीज को ICU में भर्ती क्यों किया जाता है?

ICU यानी कि इंटेंसिव केयर यूनिट किसी भी हॉस्पिटल का एक खास कमरा होता है जहां स्वास्थ्य के सभी मापदंडों को हाई टेक्नोलॉजी उपकरणों के माध्यम से जांचा जाता है। उपकरणों के माध्यम से यह पता चलता है कि रोगी की हालत कितनी गंभीर है। ICU में हमेशा कोई वरिष्ठ डॉक्टर ही रहता है। साधारण वार्ड में जहां नर्स एवं डॉक्टर की संख्या कम होती है वही ICU वार्ड में एक व्यक्ति व्यक्ति के लिए कई नर्से एवं डॉक्टर्स होते हैं। इतना ही नहीं कुछ हॉस्पिटलों में तो हर बीमारी के लिए अलग-अलग ICU होते हैं।
ऐसा देखा जाता है कि ICU वार्ड में भर्ती होने पर व्यक्ति जल्दी ठीक होता है क्योंकि उसकी स्वास्थ्य की पूर्ण रूप से देखभाल की जाती है। उसकी बीमारी या चोट की गंभीरता पर यह बात निर्भर करती है कि उसे ICU वार्ड में कितने दिन और रखा जाएगा। कभी-कभी काफी गंभीर बीमारी होने की वजह से कुछ हफ्तों या महीनों तक भी रोगी को रखा जाता है। और यह कहना भी निश्चित नहीं है कि ICU वार्ड में रखने पर मरीज ठीक ही होगा। कई बार ICU में ही रोगी की मौत भी हो जाती है।

मरीज को ICU में भर्ती कब किया जाता है?


दोस्तों यह बात तो हम सभी जानते हैं कि जब हमें कोई छोटी मोटी चोट या सर्दी जुखाम हो जाते हैं तब हमें ICU में भर्ती नहीं किया जाता। तब हम केवल डॉक्टर के पास जाते हैं एवं वह हमें कुछ दवाइयां लिखता है, वह लेकर हम ठीक हो जाते हैं। अगर किसी की बीमारी बड़ी है तो उसे पहले हॉस्पिटल के नॉर्मल वार्ड में रखा जाता है लेकिन अगर ऐसा हो कि उसकी स्थिति और ज्यादा बिगड़ने लगे और वह ठीक ना हो तब फिर उसे ICU वार्ड में शिफ्ट किया जाता है। कभी-कभी एक्सीडेंट में बहुत ज्यादा घायल हुए व्यक्ति को सीधा ही ICU वार्ड में ही भर्ती करते हैं। इसके अलावा अगर कोई बच्चा समय से पहले ही पैदा होता है तब उसकी अच्छी देखभाल करने के लिए भी उसे ICU में रखते हैं। हालांकि उसे कोई बीमारी या चोट नहीं लगी है लेकिन फिर भी स्वास्थ्य की दृष्टि से बच्चे की पूर्ण निगरानी रखी जाती है ताकि वह स्वस्थ रहे।
निम्न बीमारियों में या फिर किसी चोट के चलते रोगी को ICU में भर्ती करते हैं:--

  1. अगर किसी व्यक्ति को हार्ट अटैक आया है तो डॉक्टरों से सीधे ही ICU में भर्ती करने के लिए कहते हैं, जहां डॉक्टर और कई नर्स उनकी पूरी देखभाल करते हैं।
  2. अगर किसी व्यक्ति का बहुत बुरा एक्सीडेंट हुआ है जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हुआ है या बहुत अधिक खून बह गया हो तो भी डॉक्टर व्यक्ति को सीधा ICU में भर्ती करते हैं और जल्द से जल्द उनका उपचार करते हैं।
  3. अगर कोई व्यक्ति किसी भी वजह से कोमा में चला जाता है तो मरीज को ICU में दाखिल करते हैं।
  4. अगर कोई किडनी की बीमारी से जूझ रहा है या इसकी किडनी फेल हो गई है तो डायलिसिस के लिए भी मरीज को ICU में रखा जाता है।
  5. अगर किसी व्यक्ति की ब्रेन या स्पाइनल कॉर्ड से जुड़ी कोई बड़ी सर्जरी हुई है तो उसकी गहन निगरानी रखने के लिए भी उसे ICU में रखते हैं। ऐसे व्यक्ति को बहुत ध्यान रखा जाता है और उसे बहुत देखभाल की जरूरत होती है।

ICU में पाए जाने वाले उपकरण

जैसा कि हम जानते हैं की ICU में मरीज की देखभाल की जाती है एवं उसके स्वास्थ्य की पर कड़ी निगरानी रखी जाती है। लेकिन मरीज की देखभाल करना उपकरण के बिना संभव नहीं। क्योंकि उपकरण ही बताते हैं की मरीज का स्वास्थ्य ठीक है या नहीं। इसलिए ICU वार्ड में काफी उपकरण का इस्तेमाल किया जाता है। कभी-कभी मरीज के रिश्तेदार या कोई दोस्त जब उसे ICU वार्ड में देखता है तो इन सभी उपकरणों को देखकर कभी कभी घबराहट भी होने लग जाती है। ICU वार्ड में निम्न उपकरण पाए जाते हैं जो मरीज के इलाज के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं।

  1. आर्टिफिशियल वेंटिलेटर
  2. हार्ट मॉनिटर
  3. एक्सटर्नल पेसमेकर
  4. अनास्थेशिया मशीन
  5. मल्टीपरमेटर मॉनिटर
  6. पल्स ऑक्सीमीटर
  7. इन्फ्यूजन पंप
  8. सीरिंज पंप
  9. ऑफ्थलमोस्कॉप
  10. स्टेथोसकॉप
  11. बीपी अपराटास
  12. फीड पंप
  13. ब्लड वार्मर
  14. डायलिसिस मशीन
  15. ट्रांसपोर्ट मॉनिटर
  16. मिनी डॉपलर
  17. सक्शन मशीन
  18. एयर बेड
  19. फ़्लैश आटोक्लेव
  20. ऑक्सीजन फ्लोमीटर
  21. ECG मशीन

दोस्तों ICU वार्ड में ऊपर बताए सभी उपकरण तो पाए ही जाते हैं साथ ही इसके अलावा और भी कई उपकरण है जो यहां नहीं बताए गए हैं। आइए दोस्तों अब बात करते हैं ICU की कुछ अन्य विशेषताओं के बारे में।

ICU की विशेषताएं

दोस्तों ICU भी कई तरह के होते हैं जो कि एक विशेष कार्य के लिए बनाए जाते हैं। यहां नीचे हमने ICU के अलग-अलग प्रकार बताए हैं। आइए जानते हैं कि आईसीयू कितने प्रकार के होते हैं:--

Neonatal intensive care unit (NICU)

जब भी कोई नवजात जन्मा बच्चा किसी बीमारी से लड़ रहा होता है या उसकी देखभाल करने की दृष्टि से उसे NICU में भर्ती किया जाता है। इस प्रकार के ICU में केवल उन्हीं नवजात जन्मे बच्चों की देखभाल होती है जिनकी जन्म के बाद अस्पताल से छुट्टी नहीं हुई हो। कभी-कभी कोई बीमारी ना होने होते हुए भी नवजात जन्मे बच्चे को स्वास्थ्य की दृष्टि से इस प्रकार के ICU में रखा जाता है।

Pediatric intensive care unit (PICU)

इस प्रकार के ICU में कुछ विशेष बीमारियों का इलाज करने के लिए मरीज को रखा जा सकता है। इन बीमारियों में इन्फ्लूएंजा, मधुमेह केटोएसिडोसिस, अस्थमा व मस्तिष्क से जुड़ी बीमारियां शामिल है।

Psychiatric intensive care unit (PICU)

मानसिक रूप से बीमार व्यक्तियों को इस प्रकार के ICU में रखा जाता है। यहां इस बात की पूरी निगरानी रखी जाती है की वह अपने आप को कोई नुकसान ना पहुंचाएं, क्योंकि ज्यादातर मानसिक बीमारी से जूझ रहे व्यक्ति खुद को चोट पहुंच जाते हैं।

Coronary care unit (CCU)

इस प्रकार के ICU में उन लोगों को रखते हैं जो हृदय से जुड़ी बीमारियों से ग्रसित हैं। वहीं अगर कोई नवजात भी ह्रदय से जुड़ी बीमारी से जूझ रहा है तो वह भी इसी में एडमिट किया जाता है।

Mobile intensive care unit (MICU)

यह एक तरह की एंबुलेंस होती है जिसमें ICU से जुड़े सभी उपकरण मौजूद होते हैं। इसके साथ ही एक डॉक्टर की टीम भी इसमें होती है। कभी-कभी मरीज की हालत इतनी ज्यादा नाजुक होती है कि उसे इस प्रकार की एंबुलेंस के द्वारा ही घर से अस्पताल लाया जाता है। जब मरीज के इलाज का वक्त ना निकल जाए और बिना वक्त गंवाए उसका इलाज शुरू करना होता है उसके लिए इस प्रकार के एंबुलेंस मंगवाई जाती है।
तो दोस्तों यह तो बात हुई कुछ अलग अलग प्रकार के ICU के बारे में। अब बात करते हैं अगर हमें ICU में जाने का मौका मिले तब हमें आईसीयू में अपना व्यवहार कैसा रखना चाहिए ताकि मरीज के स्वास्थ्य पर कोई बुरा प्रभाव ना पड़े।

आईसीयू में कैसा व्यवहार करना चाहिए?


यहां हमने कुछ बातें बताई हैं जिनका ख्याल हमें ICU वार्ड में अवश्य रखना चाहिए। अगर आप अपने रिश्तेदार या किसी दोस्त जोकि ICU वार्ड में है उससे मिलने जा रहे हैं तो निम्न बातों का ध्यान अवश्य रखें:--

मोबाइल को बंद कर दें

अभी हमने जाना कि एक ICU वार्ड में इतने सारे उपकरण होते हैं जिनमें से अधिकांश बिजली द्वारा ही चलते हैं। ऐसे में अगर आप मोबाइल फोन चलाएंगे तो यह बिजली के उपकरणों के साथ दखलनामा कर सकते हैं। इसलिए जितना हो सके ICU वार्ड में मोबाइल ना चलाएं।

साफ सफाई

हम जानते हैं की ICU में किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित व्यक्ति को ही रखते हैं और वह व्यक्ति बहुत ही कमजोर होता है साथ ही उसकी इम्यूनिटी भी बहुत कम होती है। इसलिए यह बहुत जरूरी है कि आप जब भी ICU वार्ड में जाएं अपने हाथ धोकर जाएं एवं वहां भी साफ-सफाई बनाए रखें।

निश्चित समय पर ही अंदर जाएं

क्या आप जानते हैं कि हर ICU वार्ड में मरीज की सुरक्षा के लिहाज से एक विजिटर पॉलिसी होती है। जिसके अनुसार मरीज से मिलने के लिए एक निश्चित समय होता है। अगर आप कभी आईसीयू वार्ड में जाएं तो पहले अस्पताल के कर्मचारियों से यह पूछ ले कि मरीज से मिलने का क्या समय है।

मरीज का आहार

मरीज को खाने के लिए कुछ भी देने से पहले आप ICU वार्ड की नर्स या फिर डॉक्टर से यह जरूर पूछ ले कि मरीज को खाद्य पदार्थ में क्या-क्या देना उचित है। अगर आप उनसे बिना पूछे कुछ भी देते हैं तो इससे मरीज को स्वास्थ्य संबंधी कोई भी परेशानी हो सकती है।
तो अगर आपको भी ICU में जाने का मौका मिले वैसे तो हम ईश्वर से यही प्रार्थना करते हैं कि आपको कभी ICU में ना जाना पड़े। आप, आपके दोस्त एवं रिश्तेदार हमेशा स्वस्थ रहें। लेकिन फिर भी अगर आपको ICU में जाना पड़े तो आप ऊपर बताई गई बातों का अवश्य ध्यान रखें।
तो अब आपको ICU से जुड़ी हर बात पता चल गई होगी। आज हमने आपको ICU से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी देने का प्रयास किया है। हम उम्मीद करते हैं कि आपको ऊपर बताई गई सभी जानकारी समझ आ गई होगी।

निष्कर्ष:--

दोस्तों आज इस पोस्ट में हमने बात की ICU ka full form इसके बारे में। ICU की फुल फॉर्म क्या होती है? ICU में मरीज को कब भर्ती किया जाता है एवं क्यों किया जाता है? ICU में पाए जाने वाले उपकरण क्या-क्या है? एवं आईसीयू की विशेषताएं। अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी हो या इससे आपकी कुछ मदद हुई हो तो आप हमें नीचे दिए कमेंट बॉक्स में लिखकर जरूर बताएं। साथ ही इस पोस्ट से जुड़ा अगर आपका कोई सवाल है तो वह भी आप हमें नीचे दिए कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं। मिलते हैं दोस्तों इसी तरह की कुछ और अच्छी जानकारी लिए हुए हमारी अगली बेहतरीन पोस्ट में, धन्यवाद।

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