Monday, July 27, 2020

Sim ka full form | सिम की फुल फॉर्म kya hai?

Sim ka full form


हेल्लो दोस्तों!!
एक बार फिर से आपका स्वागत है हमारी आज की इस पोस्ट में। आज इस पोस्ट में हम जानेंगे सिम के बारे में, कि Sim full form क्या होती है? सिम क्या है? सिम का इस्तेमाल कहा होता है? सिम का आविष्कार कब और किसने किया? सिम कहां और कैसे मिलती है? आदि। क्या आप भी आज इन्हीं सवालों के जवाब ढूंढ रहे हैं तो आपको बता दें कि आप बिल्कुल सही पते पर पहुंच गए हैं। आज हम आपको सिम के बारे में पूरी जानकारी देंगे। इस पोस्ट Sim ka full form को लास्ट तक पढ़ लेने के बाद शायद ही कोई ऐसा सवाल बचेगा जिसका उत्तर आप ना दे पाए।
वैसे तो सिम के बारे में छोटी मोटी जानकारी तो सभी को है कि सिम क्या होती है और सिम का इस्तेमाल कंहा होता है। लेकिन यदि हमसे कोई पूछ ले की भाई सिम की फुल फॉर्म क्या होती है तो हम सभी सोच में पड़ जाते है। बहुत कम लोग ही जानते हैं कि sim card full form क्या होती है। लेकिन इसमें कोई चिंता की बात नहीं है, अगर आपको सिम की फुल फॉर्म नहीं पता तो आज की यह पोस्ट केवल आपके लिए ही लिखी गई है। आज हम बहुत ही साधारण भाषा में आपको समझाएंगे ताकि आपको समझने में कोई दिक्कत ना हो। तो आएते दोस्तों सीखने सिखाने के अपने इस सफर को शुरू करते है।
दोस्तों आज हर किसी के पास मोबाइल है। एक समय था जब लोग स्मार्टफोन को बड़े ही आश्चर्य से देखते थे। लेकिन आज हर इंसान के पास स्मार्टफोन होना आम बात हो गई है। ऐसा कोई इंसान ढूंढ पाना मुश्किल होगा जिसके पास मोबाइल ना हो। अगर आपके पास भी मोबाइल है तो आपने सिम का नाम तो जरूर सुना होगा। सिम किसी भी मोबाइल का एक बहुत ही मह्त्वपूर्ण हिस्सा होती है। इसे हम इस तरह समझ सकते है कि जैसे मानव शरीर में हृदय सबसे महत्वपूर्ण होता है, हृदय काम करना बंद कर दे तो हमारा शरीर केवल एक पुतला ही रह जाएगा। उसी तरह एक मोबाइल में भी सिम बहुत ही जरूरी चीज होती है, सिम ना हो तो मोबाइल केवल एक खाली डिब्बे की तरह ही होता है। मोबाइल से हमें कॉल करने की, मैसेज करने की, इंटरनेट चलाने जैसी जितनी भी सुविधाएं मिलती है वे सभी सिम की बदौलत ही मिलती है। सिम ना हो तो ये सभी सुविधाएं काम नहीं करती। सिम के बारे में डिटेल में जानने से पहले आइये देखते है कि सिम की फुल फॉर्म क्या होती है?।

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Sim ka full form सिम की फुल फॉर्म



दोस्तों सिम की फुल फॉर्म होती है:
S- Subscriber
I- Identity
M- Module
जिसको हम हिंदी भाषा में कहते है "ग्राहक पहचान मॉड्यूल"। कहीं कहीं आपको सिम की निम्न फुल फॉर्म भी देखने को मिल सकती है।
S- Subscriber
I- Identification
M- Module
इसे भी हम हिंदी में "ग्राहक पहचान मॉड्यूल" ही कहते है। यह तो हुई सिम की फुल फॉर्म की बात, चलिए अब सिम के बारे में थोड़ा और डिटेल में जानकारी हासिल करते है।

Sim card क्या है?


दोस्तों जैसा की हमने आपको बताया कि सिम के बिना हम कॉल, मैसेज कुछ नहीं कर सकते। इतना ही नहीं इसके बिना हम इंटरनेट जैसी सुविधा का लाभ भी नहीं उठा सकते। लेकिन हां दोस्तों बिना सिम के आप मोबाइल में गेम जरूर खेल सकते है। इसलिए हर एक मोबाइल में सिम लगाना बहुत ही जरूरी होता है। सिम का आकार भले बहुत छोटा हो लेकिन इसके काम बहुत बड़े है। आपने देखा होगा कि सिम एक मेमोरी कार्ड जितनी ही बड़ी होती है। हर सिम प्लास्टिक की बनाई जाती है और उसमें इंटेग्रेटेड चिप लगाई जाती है ताकि वह मोबाइल के अंदर की जानकारी को पढ़ सके।
दोस्तों क्या आप जानते है कि हर कंपनी की सिम में एक यूनीक इंफॉर्मेशन, और डाटा स्टोर रहता है। हम हर सिम से दूसरी सिम में कॉल कर सकते है और मैसेज भी। किसी भी सिम की क्षमता होती है कि वह 250 कॉन्टैक्ट्स और मैसेज अपने अंदर सेव करके रखती है। इसकी इसी खासियत की वजह से हम अपने दोस्तों माता, पिता, भाई, बहन और रिश्तेदारों से फोन पर बात कर पाते है। आपको जानकर बड़ी हैरानी होगी कि सबसे पहले जो सिम बनी थी वह एक एटीएम कार्ड के साइज के बराबर थी। लेकिन जैसे जैसे टेक्नोलॉजी ने विकास किया वैसे वैसे इसकी साइज छोटी होती चली गई। और आज सिम मिनी और माइक्रो साइज में भी उपलब्ध है और ज्यादातर लोग मिनी और माइक्रो सिम ही इस्तेमाल करते हैं।

सिम का आविष्कार कब हुआ और किसने किया?


सिम का सबसे पहले आविष्कार 1991 में एक जर्मन कंपनी ने किया था जिसका नाम था जिसेक और डेविएंट। यह कंपनी जर्मनी के म्यूनिख शहर में स्थित है। इस कंपनी ने अलग अलग यूरोपीय देशों में GSM सेवाएं देना शुरू किया तथा इसके बाद ही यूरोप में GSM प्रोटोकॉल भी लागू हो गया था।
इस कंपनी ने जब सबसे पहले सिम बनाई थी तो केवल 300 सिम कार्ड ही बनाए थे। और इसके बाद उन्होंने ये सभी सिम कार्ड एक वायरलेस नेटवर्क ऑपरेटर कंपनी राडियोलिंजा को बेच दी जो कि फिनलैंड में स्थित थी।
आपकी अधिक जानकारी के लिए बता दें कि 1991 में ही सबसे पहला जीएसएम कॉल भी राडियोलिंजा के नेटवर्क पर ही किया गया था। 1993 में पहली बार एक सिम से दूसरी सिम में मैसेज भेजा गया। जैसे जैसे तकनीक में विकास होता गया वैसे वैसे नई आधुनिक सिमें बाजार में आती गई। 2012 में दुनिया की पहली नैनो सिम को पेश किया गया और इतना ही नहीं 2013 में पहली ESIM को लॉन्च किया गया।

सिम कहां और कैसे मिलती है?


दोस्तों वैसे तो यह बहुत ही आम बात है लेकिन फिर भी अगर कोई नहीं जानता तो हम बता देते है कि सिम खरीदने के लिए आपको बस एक दो चीजें चाहिए होती है।
सबसे पहले अपने नजदीकी मोबाइल की दुकान में जाए और जिस भी कंपनी की सिम आपको चाहिए उसके बारे में दुकानदार को बताएं जैसे की आइडिया, नोकिया, जिओ, एयरटेल, बीएसएनएल आदि। आपको जो भी सिम का नेटवर्क पसंद आतो हो वह सिम खरीदने के लिए दुकानदार से कहे। इसके बाद आपको अपनी पहचान के तौर पर अपनी एक कोई भी आईडी प्रूफ दिखाना होगा साथ ही एक फोटो भी होना चाहिए। तो इसके लिए आप अपना आधार कार्ड और एक पासपोर्ट साइज फोटो लगा सकते है। और सबसे ज्यादा ध्यान रखने वाली बात यह है कि आपकी उम्र कम से कम 18 वर्ष तो होनी ही चाहिए तभी दुकानदार आपको सिम देता है।

निष्कर्ष:--

तो दोस्तों यह थी सिम से जुड़ी संपूर्ण जानकारी। आज इस पोस्ट में हमने जाना की Sim ka full form क्या होती है? सिम क्या है? इसका क्या इस्तेमाल किया जाता है? सिम कहां और कैसे मिलती है? आदि। हम उम्मीद करते हैं कि आज की इस पोस्ट की जानकारी आपको समझ आई होगी और इससे आपकी काफी मदद भी हुई होगी। अगर Sim full form यह जानकारी आपको पसंद आई हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ भी अवश्य शेयर करें ताकि उन्हें भी यह जानकारी मिल सके। अगर इस पोस्ट से जुड़ा आपका कोई सवाल है तो वह आप हमें नीचे दिए कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं। साथ ही यदि इस पोस्ट के लिए आपका कोई सुझाव है तो वह भी आप हमें कमेंट बॉक्स में बता सकते हैं। फिर मिलते हैं दोस्तों इसी तरह की कुछ और नई और रोचक जानकारी लिए हुए हमारी अगली बेहतरीन पोस्ट के साथ, धन्यवाद।

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